नज़दीकी फासले

Published on by Sharhade Intazar

फासले रहें  नज़दीकियां रहें, दिलों के बीच मगर कम दूरियां रहें,

फासले रहें नज़दीकियां रहें, दिलों के बीच मगर कम दूरियां रहें,

फासले रहें  नज़दीकियां रहें
दिलों के बीच मगर कम दूरियां रहें,
खामोशियाँ हो सितारों सी,
चांदनी तेरे लफ़्ज़ों सी,
हर दम यंहा रहें ,
तन्हाईयाँ  हो आसमा सी,
महफ़िलें हों तेरी दास्ताँ सी,
गुजर जाए वक़्त पर दिल पर निशाँ रहे,
फासले रहें नज़दीकियां रहें

 
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