सुबह के उजालों से

Published on by Sharhade Intazar

सुबह के  उजालों से

सुबह के उजालों ने जब दुआ मांगी,
तेरे लिए खुशियां बेइंतहा  मांगी,
सूरज जब रौशनी है साथ लाया,
अंधेरों ने छुपने को थी जगह मांगी,
परिंदे ले आये पैगाम दिशाओं के,
मंज़िलों ने तेरे क़दमों की आहटें वंहा मांगी  

 

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mukesh soni 08/21/2015 18:41

bahut sunder